Balaji ki Aarti | श्री बालाजी की आरती | मेहंदीपुर बालाजी आरती

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Shri Balaji ki Aarti श्री बालाजी की आरती। इसको सुनने से रहेगी बालाजी की कृपा होति है। श्री मेहंदीपुर बालाजी हुनमान जी की ये आरती सुनने से बनेगे सारे बिगड़े काम। हनुमान भक्ति प्रस्तुत करता हैं बहुत ही प्यारी “श्री मेहंदीपुर बालाजी की आरती” जब भी कोई परेशानी बस एक बार बालाजी की ये आरती सुन लेना। आइये सुनते है बालाजी की आरती || इसे सुनना बहुत ज़्यादा शुभ माना जाता हैं।

Shri Balaji ki Aarti

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और “श्री मेहंदीपुर बालाजी की चालीसा” के बाद सच्चे मन से “श्री मेहंदीपुर बालाजी की आरती” करना न भूलें। अगर आप ऐसा नियमित रूप से करते हैं तो आपकी कई समस्याएं दूर हो सकती हैं।

🛕श्री मेहंदीपुर बालाजी की आरती🛕

ॐ जय हनुमत वीरा, स्वामी जय हनुमत वीरा,
संकट मोचन स्वामी, तुम हो रणधीरा ॥ १
पवन-पुत्र अंजनीसुत, महिमा अति भारी,
दुःख दारिद्रय मिटाओ, संकट भय हारी ॥ २

बाल समय में तुमने, रवि को भक्ष लियो,
देवन स्तुति कीन्हीं, तुरतहिं छोड़ दियो ॥ ३
कपि सुग्रीव राम संग, मैत्री करवाई,
बाली बली मराये, कीर्ति रही छाई ॥ ४

जारि लंक सिय-सुधि आए, वानर हर्षाए,
कारज कठिन सुधारे, रघुबर मन भाए ॥ ५
शक्ति लगी लक्ष्मण को, भारी सोच भयो,
लाय संजीवन बूटी, दुःख सब दूर कियो ॥ ६




रामहिं ले अहिरावण, जब पाताल गयो,
ताही मारि प्रभु लाये, जय जयकार भयो॥ ७
राजत मेहंदीपुर में, दर्शन सुखकारी,
मंगल और शनिश्चर, मेला है जारी ॥ ८

श्री बालाजी की आरति, जो कोइ नर गावे,
कहत इंद्र हर्षित मन, वांछित फल पावे ॥ ९


राजस्थान के दौसा जिले के मेहंदीपुर में बालाजी का प्रसिद्ध मंदिर है, जिसकी मान्यता दूर-दूर तक फैली हुई है। देश-विदेश से यहाँ पर लोग श्री मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन करने हेतु आते हैं और अपने घर पर भी उनके द्वारा श्री मेहंदीपुर बाला जी चालीसा (Shri Mehandipur Bala Ji Chalisa) का पाठ किया जाता है। श्री मेहंदीपुर बालाजी के मंदिर में सभी तरह की बुरी शक्तियों जैसे कि भूत, प्रेत, पिशाच, जिन्न, वेताल, काला जादू इत्यादि को दूर करने का कार्य किया जाता है। श्री मेहंदीपुर बालाजी चालीसा (Shri Mehandipur Balaji Chalisa) के माध्यम से भी हम बुरी शक्तियों के प्रभाव को कम कर सकते हैं।

यही कारण है ! कि आज के इस लेख में हम, आपके साथ श्री मेहंदीपुर बालाजी चालीसा (Mehandipur Balaji ki Chalisa) का पाठ करने जा रहे हैं। तो आइये पढ़ते हैं श्री मेहंदीपुर बालाजी की चालीसा।

Shri Mehandipur Balaji Chalisa mehandipur balaji aarti lyrics
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।। दोहा ।।
श्री गुरू चरण चितलाय के धरें ध्यान हनुमान।
बालाजी चालीसा लिखे दास स्नेही कल्याण।।
विश्व विदित वरदानी संकट हरण हनुमान।
मैंहदीपुर में प्रकट भये बालाजी भगवान।।

।। चौपाई ।।
जय हनुमान बालाजी देवा, प्रगट भये यहां तीनों देवा।
प्रेतराज भैरव बलवाना, कोतवाल कप्तानी हनुमाना।
मैंहदीपुर अवतार लिया है, भक्तों का उद्धार किया है।
बालरूप प्रगटे हैं यहां पर, संकट वाले आते जहाँ पर।




डाकनि शाकनि अरु जिन्दनीं, मशान चुड़ैल भूत भूतनीं।
जाके भय ते सब भग जाते, स्याने भोपे यहाँ घबराते।
चौकी बन्धन सब कट जाते, दूत मिले आनन्द मनाते।
सच्चा है दरबार तिहारा, शरण पड़े सुख पावे भारा।

रूप तेज बल अतुलित धामा, सन्मुख जिनके सिय रामा।
कनक मुकुट मणि तेज प्रकाशा, सबकी होवत पूर्ण आशा।
महन्त गणेशपुरी गुणीले, भये सुसेवक राम रंगीले।
अद्भुत कला दिखाई कैसी, कलयुग ज्योति जलाई जैसी।

ऊँची ध्वजा पताका नभ में, स्वर्ण कलश हैं उन्नत जग में।
धर्म सत्य का डंका बाजे, सियाराम जय शंकर राजे।
आन फिराया मुगदर घोटा, भूत जिन्द पर पड़ते सोटा।
राम लक्ष्मन सिय हृदय कल्याणा, बाल रूप प्रगटे हनुमाना।

जय हनुमन्त हठीले देवा, पुरी परिवार करत हैं सेवा।
लड्डू चूरमा मिश्री मेवा, अर्जी दरखास्त लगाऊ देवा।
दया करे सब विधि बालाजी, संकट हरण प्रगटे बालाजी।
जय बाबा की जन जन ऊचारे, कोटिक जन तेरे आये द्वारे।




बाल समय रवि भक्षहि लीन्हा, तिमिर मय जग कीन्हो तीन्हा।
देवन विनती की अति भारी, छाँड़ दियो रवि कष्ट निहारी।
लांघि उदधि सिया सुधि लाये, लक्ष्मन हित संजीवन लाये।
रामानुज प्राण दिवाकर, शंकर सुवन माँ अंजनी चाकर।

केशरी नन्दन दुख भव भंजन, रामानन्द सदा सुख सन्दन।
सिया राम के प्राण पियारे, जब बाबा की भक्त ऊचारे।
संकट दुख भंजन भगवाना, दया करहु हे कृपा निधाना।
सुमर बाल रूप कल्याणा, करे मनोरथ पूर्ण कामा।

अष्ट सिद्धि नव निधि दातारी, भक्त जन आवे बहु भारी।
मेवा अरू मिष्ठान प्रवीना, भेंट चढ़ावें धनि अरु दीना।
नृत्य करे नित न्यारे न्यारे, रिद्धि सिद्धियां जाके द्वारे।
अर्जी का आदेश मिलते ही, भैरव भूत पकड़ते तबही।

कोतवाल कप्तान कृपाणी, प्रेतराज संकट कल्याणी।
चौकी बन्धन कटते भाई, जो जन करते हैं सेवकाई।
रामदास बाल भगवन्ता, मैंहदीपुर प्रगटे हनुमन्ता।
जो जन बालाजी में आते, जन्म जन्म के पाप नशाते।




जल पावन लेकर घर जाते, निर्मल हो आनन्द मनाते।
क्रूर कठिन संकट भग जावे, सत्य धर्म पथ राह दिखावे।
जो सत पाठ करे चालीसा, तापर प्रसन्न होय बागीसा।
कल्याण स्नेही, स्नेह से गावे, सुख समृद्धि रिद्धि सिद्धि पावे।

।। दोहा ।।
मन्द बुद्धि मम जानके, क्षमा करो गुणखान।
संकट मोचन क्षमहु मम, दास स्नेही कल्याण।।

FAQ – बालाजी चालीसा से संबंधित प्रशोत्तर

Q. श्री मेहंदीपुर बालाजी चालीसा के नियम क्या है?

Ans. Balaji Chalisa Ke Niyam : यदि आप श्री मेहंदीपुर बालाजी महाराज की चालीसा का पाठ करने जा रहे हैं तो इसके नियम भी जान लेने चाहिए। यदि आप अनजाने में या भूल कर नियमों का उल्लंघन करते हुए श्री मेहंदीपुर बालाजी चालीसा का पाठ करते हैं तो इसका दुष्प्रभाव आपके और आपके परिवार के ऊपर हो सकता है। तो सबसे पहले तो आपको श्री मेहंदीपुर बालाजी चालीसा का पाठ स्नान करने के पश्चात ही करना चाहिए।

इसी के साथ यदि आपने प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा इत्यादि का सेवन किया हुआ है तो उस स्थिति में आपको बाला जी चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। श्री मेहंदीपुर बालाजी चालीसा का पाठ करने से पूर्व आपका शरीर बाहर व अंदर दोनों ओर से ही पूर्ण रूप से स्वच्छ होना आवश्यक है। उसके बाद ही आप सच्चे मन से श्री मेहंदीपुर बालाजी का ध्यान कर सकते हैं और उनकी चालीसा का पाठ कर सकते हैं।

Q. श्री मेहंदीपुर बालाजी चालीसा का महत्व क्या है?

Ans. Mehandipur Balaji Chalisa Ka Mahatva : यह तो आप जानते ही हैं कि राजस्थान के मेहंदीपुर में श्री बालाजी का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। हालाँकि श्री बालाजी के कई अन्य प्रसिद्ध मंदिर भी देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित है जिसमे से एक राजस्थान में सालासर बालाजी हैं तो दूसरे आंध्रप्रदेश में तिरुपति बालाजी हैं। यह हनुमान जी का बाल स्वरुप होता है जो अपने भक्तों के संकटों को हरता है और उन्हें सुख प्रदान करता है।

श्री बालाजी चालीसा के माध्यम से हमें हनुमान के इस स्वरुप की महत्ता बताई गयी है। ऊपर दी गयी मेहंदीपुर बालाजी चालीसा और उसके अर्थ को पढ़ कर आपको श्री बालाजी भगवान के बारे में बहुत कुछ ज्ञान हो गया होगा। तो श्री बालाजी की महत्ता को बताने के उद्देश्य से ही यह बाला जी चालीसा लिखी गयी है। इसलिए यदि आप बालाजी की भक्ति करना चाहते हैं या उनका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको बस श्री मेहंदीपुर बालाजी चालीसा का सच्चे मन से पाठ करना होगा।

Q. श्री मेहंदीपुर बालाजी चालीसा के लाभ क्या है?

Ans. Mehndipur Bala Ji Chalisa Benefits In Hindi : बालाजी चालीसा को पढ़ कर आपको क्या कुछ फायदे हो सकते हैं या आप किस तरह से इसे पढ़ कर लाभान्वित होने वाले हैं, यह जानना भी आपका संपूर्ण अधिकार है। तो यहाँ हम आपको बता दें कि बालाजी भगवान की कृपा दृष्टि सभी के ऊपर रहती है लेकिन जहाँ राम भक्ति होती है या जो सच्चे मन से श्री मेहंदीपुर बालाजी भगवान का ध्यान करता है और उनकी चालीसा का पाठ करता है, उन पर तो बालाजी महाराज की मुख्य कृपा दृष्टि होती है।

ऐसे में यदि आपके जीवन में कभी भी कोई संकट आया हुआ हो या किसी समस्या का समाधान ना मिल पा रहा हो या कोई आपका साथ नही दे रहा हो तब उस समय आपको सच्चे मन से श्री मेहंदीपुर बालाजी महाराज का ध्यान करना है और श्री मेहंदीपुर बालाजी चालीसा का पाठ करना है। आप पाएंगे कि आपकी समस्या धीरे-धीरे समाप्त हो रही है या उसका समाधान आपको मिल गया है। तो यही बाला जी महाराज की चालीसा को पढ़ने का लाभ होता है।

Q. श्री मेहंदीपुर बालाजी मंदिर दर्शन और आरती का समय क्या है?

Ans. श्री मेहंदीपुर बालाजी आरती एवं दर्शन समय बालाजी मंदिर सुबह 7:30 बजे खुलता है और रात 8:30 बजे बंद हो जाता है।

Q. श्री मेहंदीपुर बालाजी मंदिर खुलने और बंद होने का समय क्या है?

Ans. बालाजी मंदिर सुबह 7:30 बजे खुलता है और रात 8:30 बजे बंद हो जाता है।

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